प्राथमिक विद्यालय में सालों से खराब हैंडपंप से निकल रहा है बालू व दूषित पानी

अयोध्या उत्तर प्रदेश

प्रदेश की योगी सरकार परिषदीय विद्दालयों की दशा को सुधारने का चाहे जितना प्रयास कर ले लेकिन विद्यालय प्रशासन व सम्बंधित विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री के सपनो को साकार नहीं होने देना चाहते हैं।

ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या के शिक्षा क्षेत्र रुदौली के प्राथमिक विद्यालय दशरथ मऊ का सामने आया है जहाँ लगे इंडिया मार्का हैंडपंप से बालू और दूषित पानी निकल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक रूदौली शिक्षा क्षेत्र के ग्राम पंचायत दशरथ मऊ इंडिया मार्का 2 हैंडपंप लगा हुआ है

जिसमें काफी समय से पानी के साथ बालू मिक्स दूषित पानी निकल रहा है।ग्रामीण बता रहे है कि यह हैंडपंप सालों से खराब पड़ा हैं।इसी नल के पानी से विद्यालय के नौनिहालों को अपनी प्यास बुझाने के लिए सहारा लेना पड़ता है

जिसमें बालू के साथ दूषित पानी निकल रहा है।जिससे नौनिहालों के स्वास्थ्य और सेहत पर काफी बुरा असर पड़ने की संभावनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं।इस चिलचिलती धूप व पड़ रही भीषण गर्मी के कारण अपनी प्यास बुझाने के लिए यदि नौनिहालों को यही बालू के साथ निकल रहे दूषित पानी को पीना पड़ेगा तो इन नौनिहालों को होने वाली भयंकर बीमारी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं जब प्राथमिक विद्यालय दशरथ मऊ के प्रधानाचार्य विजय तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में लगे हैंडपंप को रिबोर कराने के लिए और नल के पास ही शोखता बनवाने के लिए इसकी शिकायत करके अपने विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि जिस जगह हैंडपंप लगा हुआ है उस जगह इंटरलॉकिंग न होने से बारिश में हैंडपंप के स्थान पर गढ्ढा होने से पानी भर जाता है।

जिससे विद्यालय के बच्च़ो को पानी के लिए कीचड़ में प्रवेश करके अपनी प्यास बुझाना पड़ता है।प्रधानाध्यापक ने बताया कि अभी तक न तो हैंडपंप सही करवा गया है और न इंटरलॉकिंग लगवाया गया है।

जब इस सम्बंध में खण्ड विकास अधिकारी रुदौली अखिलेश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अब मामला संज्ञान में आया है पहले हैंडपंप बनवाया जाएगा तकि बच्चों के लिए पानी पीने की व्यवस्था हो उसके बाद शोकता बनवाया जाएगा।

 

गर्मी आते ही अपमिश्रित आइस क्रीम का धंधा शुरू

भेलसर(अयोध्या)गर्मी का मौसम आते ही रूदौली क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में अपमिश्रित आइस क्रीम व अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वालों ने दस्तक दे दी है जिसके चलते संक्रामक रोग फैलने की आशंका व्याप्त हो गई है।

इन अशुद्ध खाद्य पदार्थों की चपेट में अक्सर बच्चे ही आते हैं।प्रदूषित खाद्य पदार्थ के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों पर अंकुश लगाने में संबंध विभाग पूरी तरह विफल नजर आ रहा है।

मिलावटी पदार्थ को बनाने के संबंध में कतिपय लोगों से जानकारी ली गई तो पता चला कि इसमें डबल रोटी व केक का चूरा मिलाकर अप्रमाणित दूध व इसमें मिठास का स्वाद घोलने के लिए चीनी के जगह शिकरीन,

खोया की जगह आरारोट आदि मिलाकर आइस क्रीम तैयार की जाती है।जिसमे बच्चे खासकर शौक से खाते हैं।उन्हें यह नही मालूम कि वे जो खा रहे हैं वह उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसान देह है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी आते ही साईकिल के केरियल पर खाद्य पदार्थ के रूप में लदा यह बीमारी का बख्शा और हैंडल पर बंधे भोंपू की आवाज सुनाते विक्रेता लगभग हर गांवो में टहलते नजर आएंगे।

खास कर मवई,नेवरा,सडवा,बाबा बाजार,पटरंगा,रानीमऊ,सुजागंज,भेलसर,भक्त नगर,आज़ाद नगर,ऐहार आदि गांवों के आस पास घूमते यह बेचने वाले कारोबारी अपने कारोबार में सक्रिय मिलेंगे।

बात सिर्फ आइस क्रीम पर ही भी सीमित है फलों के विक्रेता ठेलो,खुमचो पर लगाने वाले गन्ने के रस और चाट की दुकानों आदि बेरोक टोक संचालित हो रही है।जिस पर स्वास्थ्य विभाग का ध्यान केंद्रित नही हो पा रहा है और न ही खाद्य पदार्थ के अधिकारी इन लोगो पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहे हैं।

मानव स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले बेरहमी कारोबारी स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।सवाल यह उठता है कि आखिर कब लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालो पर अधिकारियों द्वारा शिकंजा कसा जायेगा।

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